भागलपुर: दिगंबर जैन मंदिर में मंगल कलश स्थापना महोत्सव संपन्न, जानें क्या है वर्षायोग का महत्व

MyBhagalpur Team4 August 20261 min read35 viewsCity Local
भागलपुर: दिगंबर जैन मंदिर में मंगल कलश स्थापना महोत्सव संपन्न, जानें क्या है वर्षायोग का महत्व

भागलपुर के कोतवाली चौक स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार और सोमवार को वर्षायोग मंगल कलश स्थापना महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री पुराणमती माताजी और गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की शिष्या आर्यिका श्री श्रुतमती माताजी के सानिध्य में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर माताजी ने जैन आगम के अनुसार वर्षायोग और कलश के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि चातुर्मास को ही वर्षायोग कहा जाता है, जो आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी से कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी तक चार महीने चलता है। यह समय जीव रक्षा और अहिंसा के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि बारिश में छोटे जीवों और कीड़ों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में हिंसा से बचने के लिए साधु-साध्वी एक जगह स्थिर रहकर विहार त्याग करते हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि यह समय स्वाध्याय और साधना का होता है, जिसमें 16 प्रहर तप, जप, ध्यान और प्रवचन किए जाते हैं। इसे 'आत्मा की कृषि' कहा गया है, जिससे साधु और श्रावक धर्म से गहराई से जुड़ते हैं। साथ ही संघ एकता और पुण्य संचय के साथ-साथ चातुर्मास के प्रारंभ में होने वाली कलश स्थापना के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम का संचालन अशोक जैन ने किया और अतिथियों का स्वागत सुमित जैन ने किया। इस दौरान सुमन, सीमा, राजेश, अमन, एकता, पीयूष, मल्लिका, प्रीति, श्रेयांस पाटनी, पुष्पा देवी, मातृश्री, संजीव, अलका कुमार, भावना, भागचंद, ललित कुमार, संजय, अजय, सुनील, नवीन, नीरज पाटनी, जय कुमार, नीतेश काला, दिव्यम जयपुरिया और सज्जन जैन ने विभिन्न अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। आयोजन में श्री दिगंबर जैन समाज, भागलपुर के अध्यक्ष विजय जैन, महामंत्री पदम जैन, सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन, आलोक जैन, विशाल जैन, पीयूष जैन, सूरज जैन, संजय जैन, राजेश जैन और राजीव जैन मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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