दिवाली और काली पूजा पर भागलपुर में ट्रैफिक प्लान तैयार, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
भागलपुर प्रशासन ने दिवाली और काली पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए नए ट्रैफिक नियम लागू किए हैं। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

भागलपुर जिले में दिवाली और काली पूजा के त्योहारों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए कमर कस ली है। शहर में सैकड़ों पंडालों, मूर्ति स्थापनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए एसएसपी ने सभी थाना क्षेत्रों और ट्रैफिक पुलिस के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और शहर में जाम की स्थिति न बने।
शहर के मुख्य चौराहों जैसे स्टेशन चौक, टाटापुर चौक, घंटाघर, कचहरी चौक, खलीफाबाग चौक, बुद्धनाथ चौक, माणिक सरकार चौक और अदमपुर चौक पर पुलिस की भारी तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल निर्धारित रूटों का ही उपयोग करें और वाहनों को केवल अधिकृत पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें। पंडालों के सामने वाहन पार्क करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
मूर्ति विसर्जन और सुरक्षा व्यवस्था का खाका
मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन ने एक विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया है। काली पूजा केंद्रीय समिति द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार, विभिन्न पूजा स्थलों की मूर्तियां टाटापुर चौक और मोजाहिदपुर होते हुए स्टेशन चौक के पास एकत्रित होंगी। टाटापुर चौक से स्टेशन चौक तक का रास्ता विशेष रूप से विसर्जन जुलूस के लिए आरक्षित रहेगा, जहां आम यातायात को प्रतिबंधित या डायवर्ट किया जाएगा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तिलकामांझी, यूनिवर्सिटी, जोगसर, टाटापुर, मोजाहिदपुर, बाबरगंज, ईशाकचक और हबीबपुर जैसे प्रमुख थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट और सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। साथ ही, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों, जैसे मस्जिदों और कब्रिस्तानों के पास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और प्रतिभागियों की संख्या को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना या विवाद से बचा जा सके।