भागलपुर के सुंदरवती महिला महाविद्यालय (एसएम कॉलेज) में मंगलवार को एक 'स्टूडेंट सपोर्ट कैंप' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अलंकrita पांडेय ने छात्राओं को संबोधित किया।
- डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ऑटोमेशन कक्षा की पढ़ाई या शिक्षक-छात्र की सीधी बातचीत की जगह नहीं ले सकते।
- डीएम ने छात्राओं से सकारात्मक सोच रखने, सोशल मीडिया की नकारात्मकता से बचने और अपने करियर के लक्ष्यों को पाने के लिए कड़ी मेहनत व ईमानदारी पर ध्यान देने को कहा।
- उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कक्षाओं में सीधी बातचीत से मिलने वाला व्यावहारिक ज्ञान व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत जरूरी है।
इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्रों की शिकायतों को दर्ज करने के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित मंच के रूप में 'सहयोग पोर्टल' की शुरुआत की। भागलपुर सिटी एसपी अतुल्य झा ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि इस पोर्टल के जरिए दी गई शिकायतों को पूरी गोपनीयता के साथ सुलझाया जाएगा। तकनीकी दिक्कतों का सामना करने वालों के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 मदद के वास्ते उपलब्ध है। प्रशासन ने कहा कि पुलिस और शिक्षा विभाग छात्रों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
कैंप के दौरान सिर्फ एक शिकायत दर्ज की गई, जिसे अधिकारियों ने तुरंत स्वीकार करते हुए तय समय सीमा के भीतर हल करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि इन कैंपों का मकसद छात्रों को सही मार्गदर्शन और मदद देना है। एसएम कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर निशा झा ने कॉलेज प्रशासन की तरफ से छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता देकर तुरंत हल करने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया। यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉ. दीपक कुमार Dinkar ने इस पहल पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इस कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आशा तिवारी ओझा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर अनुराधा प्रसाद ने दिया। इस दौरान शिव कुमार, डॉ. निशा कुमारी, डॉ. सिद्धार्थ कुमार और बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।