डिप्टी सीएम के दौरे से पहले एक्शन में भागलपुर डीएम, तेलघी गांव में किया औचक निरीक्षण
डिप्टी सीएम के दौरे से पहले भागलपुर डीएम अलंकृता पांडेय ने तेलघी पंचायत में सरकारी योजनाओं और स्कूलों का निरीक्षण किया।

बिहार के भागलपुर जिले के नौगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरिक ब्लॉक का तेलघी पंचायत गुरुवार को प्रशासनिक हलचल का केंद्र रहा। मौका था बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगामी दौरे की तैयारी का, जो सड़क निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के पिता के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इस वीवीआईपी दौरे से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, जिसके तहत जिला मजिस्ट्रेट (DM) अलंकृता पांडेय ने खुद कमान संभाली और गांव का जायजा लिया।
डीएम अलंकृता पांडेय के साथ नौगछिया के एसपी वैभव शर्मा और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। डीएम का यह अचानक दौरा देखते ही पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में तैयारियों को दुरुस्त किया जाने लगा। डीएम ने सरकारी भवनों की साफ-सफाई और रखरखाव की जांच की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता मिली, तो संबंधित अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर कड़ी नजर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने केवल प्रशासनिक दफ्तरों को ही नहीं देखा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत भी जांची। उन्होंने मध्य विद्यालय तेलघी बालक और मंडल पोखर टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया। यहां उन्होंने छात्रों की उपस्थिति पंजी (रजिस्टर) खंगाली और परिसर की स्वच्छता देखी।
सबसे खास बात यह रही कि डीएम खुद स्कूल की रसोई में दाखिल हुईं और बच्चों के लिए बन रहे मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को केवल पौष्टिक और स्वच्छ भोजन ही परोसा जाए और बर्तनों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। एसपी वैभव शर्मा ने भी भोजन की गुणवत्ता देखी और इसमें सुधार के लिए जरूरी सुझाव दिए।
अंत में, डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों से चल रही योजनाओं की अपडेटेड रिपोर्ट मांगी और पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का निवारण उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बाद तेलघी पंचायत के स्कूलों और कार्यालयों की सूरत बदली हुई नजर आ रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि यह सुधार केवल वीवीआईपी दौरे तक सीमित न रहकर स्थायी होगा।