भागलपुर नगर निगम का बड़ा कदम: अब कुत्ते की नसबंदी के बाद बिल पास कराने के लिए दिखाने होंगे अंग

MyBhagalpur Team29 August 20262 min read20 viewsCity Local
भागलपुर नगर निगम का बड़ा कदम: अब कुत्ते की नसबंदी के बाद बिल पास कराने के लिए दिखाने होंगे अंग

भागलपुर नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को कंट्रोल करने के लिए चलाए जा रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान में फर्जीवाड़ा और वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए एक नई और पारदर्शी योजना शुरू की है। अब निगम केवल कागजी कार्रवाई या तस्वीरों के आधार पर नसबंदी के बिल पास नहीं करेगा, बल्कि इसके लिए एक अनिवार्य भौतिक सत्यापन प्रक्रिया लागू कर दी गई है।

  • नगर निगम ने नसबंदी अभियान में फर्जीवाड़ा रोकने की नई योजना बनाई है।
  • अब केवल कागजों या फोटो से बिल पास नहीं होंगे, बल्कि भौतिक सत्यापन होगा।
  • नसबंदी करने वाली एजेंसियों को ऑपरेशन के दौरान निकाले गए अंगों को सुरक्षित रखना होगा।
  • नर कुत्तों के अंडकोष और मादा कुत्तों के भ्रूण या अंडाशय को फॉर्मेलिन जैसे केमिकल में रखना होगा।
  • नियमों के पालन के बाद ही निगम की विशेष टीम अंगों की गिनती करके भुगतान करेगी।

अंगों की गिनती के बाद ही मिलेगा भुगतान

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इस नए निर्देश के तहत, नसबंदी करने वाली एजेंसियों को ऑपरेशन के दौरान निकाले गए अंगों को सुरक्षित रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें नर कुत्तों के अंडकोष (testicles) और मादा कुत्तों के भ्रूण या अंडाशय (fetus or ovaries) शामिल हैं। इन अंगों को सड़ने से बचाने के लिए फॉर्मेलिन जैसे किसी विशेष केमिकल घोल में सुरक्षित रखना होगा। भुगतान जारी करने से पहले, निगम द्वारा बनाई गई एक विशेष टीम इन सुरक्षित रखे गए अंगों की भौतिक गिनती करेगी। अंगों की संख्या एजेंसी द्वारा दावा किए गए नसबंदी के आंकड़ों से बिल्कुल मेल खानी चाहिए। यदि डेटा में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो भुगतान रोक दिया जाएगा और एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निगम पूरी तरह संतुष्टि होने के बाद ही अंतिम भुगतान को मंजूरी देगा।

अगले एक महीने तक सिर्फ नर कुत्तों की होगी पकड़

इसके अलावा, यह नसबंदी अभियान अगले एक महीने तक विशेष रूप से नर कुत्तों को पकड़ने पर केंद्रित रहेगा। मौजूदा प्रजनन सीजन के कारण मादा कुत्तों को पकड़ने का काम रोक दिया गया है। एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि प्रजनन चक्र के दौरान मादा कुत्तों को एंटी-रैबीज टीके देने से इंजेक्शन बेअसर हो जाता है। तकनीकी और स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए, प्रजनन अवधि समाप्त होने के बाद एजेंसी मादा कुत्तों को पकड़ने का काम फिर से शुरू करेगी। भागलपुर नगर निगम के लोक स्वच्छता पदाधिकारी शशि भूषण सिंह ने बताया कि चुनी हुई एजेंसी को अपना बिल पास कराने के लिए कुत्तों के अंगों को सुरक्षित रखना होगा। भुगतान से पहले इनकी गिनती की जाएगी और इन्हें नष्ट किया जाएगा। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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