दुर्गा विसर्जन पर भावुक हुए लोग, देखिए भागलपुर में कैसे दी मां को विदाई

भागलपुर के जगदीशपुर ब्लॉक बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को भक्तों ने देवी दुर्गा को बहुत ही भावुक होकर विदाई दी। मूर्ति विसर्जन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इस दौरान पूरा माहौल पारंपरिक ढोल, गूंजते संगीत और भक्तिमय नारों से भर गया था। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाया और भविष्य में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। भक्त मां को विदाई देते हुए 'अगली बरस फिर आना मां' के नारे लगा रहे थे।
जगदीशपुर में विसर्जन गुरुवार को हुआ, जबकि भागलपुर की अन्य जगहों पर बंगाली रीति-रिवाजों से होने वाले विसर्जन, जैसे दुर्गा बाड़ी, काली बाड़ी और बरारी शरणार्थी कॉलोनी में, एक दिन पहले बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को ही पूरे हो गए थे। शहरी इलाकों में कुल 48 मूर्तियों के लिए पूरे जिले में विसर्जन की प्रक्रिया गुरुवार को सुबह 10:00 बजे शुरू हुई और देर रात तक चलती रही।
दुर्गा पूजा महासमिति द्वारा आयोजित मुख्य विसर्जन जुलूस दोपहर करीब 3:00 बजे भागलपुर स्टेशन चौक के पास से शुरू हुआ। परबत्ती पूजा समिति ने लगभग 40 से 45 मूर्तियों को मायागंज अस्पताल के पीछे मुशहरी घाट की ओर पहुंचाया। यह पूरा आयोजन जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव द्वारा जिला शांति समिति की बैठकों में तय किए गए कड़े सुरक्षा नियमों के तहत हुआ। इन नियमों में डीजे पर पूरी तरह रोक, लाइसेंस लेना जरूरी करना और रात 10:00 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन करना शामिल था।
जिला अग्निशमन अधिकारी रमन राज समेत अन्य अधिकारियों की देखरेख में प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। इसमें आग से सुरक्षा की जांच, सीसीटीवी कैमरे लगाना और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती शामिल थी। जगदीशपुर के जुलूस के दौरान बिजली की सप्लाई कुछ देर के लिए जरूर कटी, लेकिन इसके बावजूद पूरा कार्यक्रम ट्रैफिक के कड़े इंतजाम और निगरानी के बीच शांति से संपन्न हो गया।