भागलपुर में दुर्गा पूजा और दशहरा 2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। डीएम अलंकृता पांडेय ने खुद प्रशासनिक तैयारियों की कमान संभाली है ताकि लोग बिना किसी परेशानी के पंडालों में घूम सकें।
प्रमुख बातें:
- जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ पर काबू पाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं।
- आग से बचाव के लिए 15 दमकल गाड़ियां और दो क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं।
- डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- मुख्य बाजारों में 17 अक्टूबर की शाम से ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा।
बिहार अग्निश सेवा ने आग के खतरे से निपटने के लिए 15 strategic जगहों पर 15 फायर टेंडर तैनात किए हैं, जिनमें चार पानी के टैंकर और 11 मल्टी-यूटिलिटी गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा दो क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी बनाई गई हैं। अधिकारियों ने मारवाड़ी पाठशाला और आदमपुर जैसे बड़े पंडालों में मॉक ड्रिल करके कमेटियों को बिजली की सुरक्षा के बारे में बताया है। आग लगने की किसी भी घटना पर लोग 101 या 112 नंबर पर फोन कर सकते हैं।
कोसी डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने सभी पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बाजारों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। 20-21 अक्टूबर को होने वाले मूर्ति विसर्जन और 23 अक्टूबर को शुक्रवार की नमाज के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। 17 अक्टूबर की शाम से नया ट्रैफिक प्लान लागू होगा जिसके तहत मुख्य बाजार क्षेत्रों में गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी और श्रद्धालुओं को पैदल ही पंडालों तक जाना होगा।
कमिश्नर प्रेम सिंह मीना ने अधिकारियों को सभी पंडालों की जांच करने, ढीले बिजली के तारों को ठीक करने और लगातार निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। त्योहारों और जुलूस के दौरान डीजे बजाना पूरी तरह बैन है। सोशल मीडिया पर गलत संदेशों पर नजर रखने के लिए साइबर पेट्रोलिंग की जाएगी। प्रशासन ने जबरन चंदा वसूलने और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी दी है। डीएम अलंकृता पांडेय और एसपी स्वर्ण प्रभात सुरक्षा व्यवस्था को देखने के लिए खुद मुख्य रास्तों का मुआयना कर रहे हैं।