भागलपुर में दुर्गा पूजा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की तैयारी तेज हो गई है। अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विशेष बातें:
- जिला अग्निशमन विभाग ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है।
- जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज पंडालों की औचक जांच कर रहे हैं।
- सभी पंडालों में आग से बचने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए अग्निशमन विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज ने बताया कि प्रत्येक पूजा पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी से भरे ड्रम और बालू की बोरियां रखना अनिवार्य कर दिया गया है। आयोजकों को सिर्फ सजावट और रोशनी पर ध्यान न देकर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत बचाव हो सके।
पंडालों में भव्य सजावट के लिए अस्थायी वायरिंग होती है जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है।
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी समितियां मुख्य बिजली लाइन और वायरिंग की पूरी जांच करवाएं। बिजली के तारों में खुला जोड़ नहीं होना चाहिए और अच्छी गुणवत्ता का इंसुलेशन टेप लगाना अनिवार्य है। पंडाल के अंदर या आसपास खाना बनाने और हैलोजन लाइट को कपड़ों या पर्दों के पास रखने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
पूजा के दौरान भीड़ को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने 24 घंटे चालू रहने वाला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। किसी भी आपात सूचना पर दमकल की गाड़ियां और फायर फाइटर्स तुरंत मौके पर रवाना होंगे। भागलपुर और आसपास के लाखों श्रद्धालु पूजा पंडालों में आते हैं, इसलिए यह जांच और सुरक्षा हादसे के जोखिम को खत्म करने में मददगार साबित होगी। विभाग ने समितियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें।