भागलपुर जिले और सुल्तानगंज के सभी पूजा पंडालों और मंदिरों में महासप्तमी के शुभ मुहूर्त पर शनिवार को शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। पट खुलते ही पूरा इलाका जय माता दी और महामाया की जय के जयकारों से गूंज उठा है।
- सुबह से बेलभरनी पूजा और विशेष अनुष्ठान हुए।
- प्रतिमाओं से पर्दा हटते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
- पंडालों में आकर्षक रोशनी और फूलों की सजावट की गई है।
- सुल्तानगंज में गरबा और डांडिया उत्सव का आयोजन हो रहा है।
सुबह से ही बेलभरनी पूजा और विशेष अनुष्ठान के बाद जैसे ही प्रतिमाओं से पर्दा हटा, माता रानी के दिव्य दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जिले के विभिन्न पूजा समितियों ने पंडालों को बेहद आकर्षक रोशनी, रंग-बिरंगे फूलों और अद्भुत कलाकृतियों से सजाया है, जो हर किसी का मन मोह रही हैं। ढोल-ढाक की थाप, शंखध्वनि और अगरबत्तियों की खुशबू ने पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय और अलौकिक बना दिया है।
भागलपुर शहर स्थित कचहरी चौक, मंदरोजा, खंजरपुर और मारवाड़ी पाठशाला सहित प्रमुख पंडालों में भव्य लाइटिंग की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग कतारें बनाई गई है। वहीं सुल्तानगंज के विभिन्न पूजा स्थलों पर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सुल्तानगंज में गरबा और डांडिया उत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। संवेदनशील चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और सादे लिबास में पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पट खुलने के बाद मां के दर्शन कर उन्हें असीम शांति की अनुभूति हो रही है। पूजा समितियों के अनुसार, महासप्तमी के बाद अब महाअष्टमी और महानवमी पर भीड़ और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जिसके लिए स्वयंसेवकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।