भागलपुर शिक्षा विभाग में एक करोड़ रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी टीचर आईडी बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया है।
- शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी टीचर आईडी बनाई गई।
- एक करोड़ रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी हुई।
- संविदा पर काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश की मुख्य भूमिका सामने आई।
सरकारी सैलरी पेमेंट और डेटा मैनेजमेंट के डिजिटल सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया गया। फर्जी आईडी बनाकर लंबे समय से सरकारी खजाने से पैसे निकाले गए। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी ने डिजिटल रिकॉर्ड, सर्विस बुक और बजट फाइलों का मिलान किया। इस जांच में गड़बड़ी सामने आई और पता चला कि अविनाश ने अपने सिस्टम एक्सेस पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करके फर्जी टीचर प्रोफाइल बनाए।
अविनाश पर पहले से शक था, जिसके बाद विभाग ने इस साल जून में उसका अनुबंध खत्म कर दिया था। इसके बाद भी ऑडिट और रिकॉर्ड जांच में उसकी धोखाधड़ी के डिजिटल सबूत मिले। इसके बाद शशि चंदन चौधरी ने गुरुवार को साइबर थाने में जाकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने तकनीकी सबूत और गलत लेनदेन की जानकारी देकर आरोपी पूर्व ऑपरेटर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई।
साइबर पुलिस अब आरोपी के आईपी एड्रेस, लॉगिन आईडी और फर्जी आईडी से जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि चुराए गए पैसों का पता चल सके। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि इसमें विभाग के दूसरे अधिकारियों या कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी या नहीं। इसके अलावा, विभाग इस मामले की पूरी जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की तैयारी कर रहा है।