भागलपुर जिला शिक्षा कार्यालय में 98 लाख 12 हजार रुपये के गबन मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। एचआरएमएस पोर्टल पर फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाश कुमार गुप्ता ने स्थापना शाखा के लिपिक जफर अली को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा तत्कालीन डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी के खिलाफ प्रपत्र क में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के अनुसार जफर अली की मेकर आईडी का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाई गई थी। आरोप है कि ऑपरेटर अविनाश राज ने तनुश्री के नाम से फर्जी शिक्षक आईडी बनाने के लिए पिछले साल की तारीख में ऑनबोर्डिंग की थी, जिसका उपयोग वेतन भुगतान के लिए किया गया। इस मामले में पहले जिला शिक्षा अधिकारी चंदन कुमार और तत्कालीन डीपीओ शशि चंदन चौधरी को निलंबित किया जा चुका है। लिपिक शिशिर कुमार झा फरार बताए जा रहे हैं, जबकि ऑपरेटर अविनाश राज फिलहाल जेल में बंद हैं। अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है।
हालांकि यह दावा किया गया है कि लिपिक जफर अली को अपने मेकर आईडी के पासवर्ड की जानकारी नहीं थी, लेकिन यह जांच का विषय है। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जफर अली को निलंबन की अवधि में पीटीईसी फुलवरिया से संबद्ध किया गया है। यह वित्तीय अनियमितता एचआरएमएस पोर्टल पर सुल्तानगंज प्रखंड के अंतर्गत हुई। अधिसूचना में कहा गया है कि वित्तीय अनियमितताओं के कारण एचआरएमएस पोर्टल पर तनुश्री नामक फर्जी शिक्षक की ऑनबोर्डिंग संभव हो सकी। 9 अप्रैल 2026 को मो. जफर अली की लॉगिन आईडी का उपयोग मेकर या चेकर के रूप में प्रविष्टि करने के लिए किया गया था। इन कार्यों से 98,12,000 रुपये का भुगतान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि जफर अली का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के खिलाफ था।