भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) स्थापना शशि चंदन चौधरी और कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। - फर्जी शिक्षिका 'तनु श्री' की बनाई गई प्रोफाइल - HRMS पोर्टल से हुआ अवैध वेतन का खेल - 52 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई - बैंक ने लगभग 46 लाख रुपये किए फ्रीज
मई 2025 से जुलाई 2026 के बीच HRMS पोर्टल पर 'तनु श्री' नाम से एक फर्जी शिक्षिका की प्रोफाइल बनाकर अवैध रूप से सैलरी निकाली गई। जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड अविनाश राज ने, जिसे पहले काम से हटा दिया गया था, फर्जी पैन कार्ड, PRAN नंबर और जन धन खातों का इस्तेमाल कर इस झूठी पहचान को सही साबित किया। आरोपियों ने मकान किराया भत्ता (HRA) का डेटा बदलकर इसे सामान्य 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 2000 प्रतिशत तक कर दिया ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसे निकाले जा सकें।
इस मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें DPO शशि चंदन चौधरी, अविनाश राज, क्लर्क शिशिर कुमार झा, अविनाश की पत्नी काजल और तनुजा देवी शामिल हैं। शुरुआत में DPO चौधरी ने खुद इस मामले में FIR दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उन्हें मुख्य साजिशकर्ता पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि पैसों को फरीदाबाद ट्रांसफर किया गया और फिर वहां से वापस भागलपुर लाकर कार खरीदने और एटीएम से कैश निकालने में इस्तेमाल किया गया।
जिला मजिस्ट्रेट ने उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी शिक्षा कार्यालय के रिकॉर्ड और डिजिटल सिग्नेचर की जांच करेगी। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) चंदन कुमार इस मामले में विभागीय कार्रवाई की देखरेख कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने के लिए डिजिटल लॉग और बैंक लेनदेन की जांच कर रहे हैं कि इसमें विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल हैं या नहीं।