भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में रैगिंग की घटना की जांच में एक दर्जन से ज्यादा छात्रों के शामिल होने की बात सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की है। 15 सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन को सौंप दी है। कॉलेज प्रशासन इन छात्रों से पूछताछ कर रहा है और उनके जवाब मांग रहा है। साथ ही, इन छात्रों के माता-पिता को भी घटना की जानकारी दी जा रही है। BCE के प्रिंसिपल डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर पूछताछ जारी है और पुलिस को भी इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी।
रैगिंग की इस घटना के दौरान कुछ छात्रों ने कॉलेज के शिक्षकों के साथ भी बदतमीजी की थी।
कॉलेज प्रशासन ने जीरो माइल थाने में अज्ञात छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। कॉलेज प्रशासन पुलिस को पहचाने गए संदिग्धों के नाम और सीसीटीवी फुटेज देगा ताकि सही कार्रवाई हो सके। पुलिस भी अपने स्तर पर सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
रैगिंग के आरोप दूसरे साल के छात्रों पर लगे हैं, जिनमें से कुछ छात्र घटना वाले दिन पहले साल के हॉस्टल में पकड़े गए थे।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने सभी हॉस्टलों में निगरानी बढ़ा दी है। शिक्षक और हॉस्टल अधीक्षक अलग-अलग शिफ्ट में हॉस्टल का दौरा कर रहे हैं और पहले साल के छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। छात्रों से कहा गया है कि वे बिना डरे रैगिंग की किसी भी घटना की शिकायत कॉलेज प्रबंधन से करें। प्रिंसिपल डॉ. विमलेश कुमार ने यह भी बताया कि सीनियर और जूनियर छात्राओं के बीच रैगिंग रोकने के लिए महिला हॉस्टलों में भी शिक्षकों द्वारा नजर रखी जा रही है। कॉलेज प्रबंधन हर स्तर पर स्थिति पर नजर रखे हुए है और रैगिंग में शामिल पाए जाने वाले किसी भी छात्र या छात्रा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।