भागलपुर में विशेषज्ञों ने रामचरितमानस को बताया भारत का जीवंत संविधान

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दैनिक जागरण के भागलपुर कार्यालय में 'भारतीय संस्कृति, हिंदी साहित्य और राष्ट्रवाद' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अखबार द्वारा किया गया था, जो बुद्धिजीवियों के लिए भारतीय विरासत और राष्ट्रवादी चेतना के मूल सिद्धांतों पर चर्चा करने का एक मंच बना।
- भारतीय संस्कृति और हिंदी साहित्य राष्ट्रवाद के पूरक हैं।
- विदेशी आक्रमणों के बावजूद भारतीय संस्कृति का वैभव फलता-फूलता रहा है।
- सनातन संस्कृति देश का गौरव है और रामचरितमानस भारत का जीवंत संविधान है।