भागलपुर के युवा किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक तरीकों से जुड़ रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि सब्जी की खेती में सही बीज, समय पर देखभाल और कीट नियंत्रण बहुत जरूरी है।
- खेती शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच कराना जरूरी
- देसी और हाइब्रिड दोनों नेनुआ की पैदावार अच्छी होती है
- बाजार में सुंदर और बड़े आकार की मांग ज्यादा होती है
कृषि वैज्ञानिक सलाह देते हैं कि खेती से पहले किसान भाई मिट्टी की जांच जरूर करवाएं ताकि यह पता चल सके कि उनकी जमीन के हिसाब से कौन सी फसल सबसे अच्छी है। भागलपुर और आसपास के इलाकों के लिए पूसा चिकनी और पूसा नस्दार अनुशंसित बेहतर किस्में हैं। हाइब्रिड विकल्पों में क्लॉज और हाइब्रिड-389 को बेहतरीन माना गया है।
इनकी फल देने की क्षमता ज्यादा होती है और फलों का वजन भी अधिक होता है, जिससे कुल पैदावार और मुनाफा बढ़ता है। प्रगतिशील किसान गुंजेश गुंजन के अनुसार, देसी किस्मों का स्वाद अच्छा होता है लेकिन छोटे आकार के कारण बाजार में इनकी मांग हाइब्रिड के मुकाबले कम हो सकती है। कीटों से बचाव के लिए गुंजन सुझाव देते हैं कि किसान नीम के तेल का छिड़काव करें, पीले रंग के चिपचिपे ट्रैप का इस्तेमाल करें और फल कवर का उपयोग करें।
यह तकनीकें कीटों के नुकसान को कम करती हैं और बाजार के लिए फसल की गुणवत्ता उच्च बनाए रखती हैं।