भागलपुर: भारी बारिश ने छीनी किसानों की मुस्कान, पानी में डूबी धान की फसल
भागलपुर के किसानों की मेहनत पर भारी पड़ी बारिश। धान की फसल पानी में डूबी, अब कीचड़ से अनाज बचाने की जद्दोजहद।

बिहार के भागलपुर जिले के किसानों के लिए पिछले तीन दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया है। खेतों में पानी भर जाने की वजह से फसलें जमीन पर लेट गई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदें अब कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं।
धर्मेंद्र गांव की स्थिति बेहद हृदयविदारक है। यहां किसान अपनी डूबी हुई फसल को बचाने के लिए मौत और जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। किसान घुटनों तक पानी और कीचड़ में उतरकर मैन्युअल तरीके से फसल काट रहे हैं। अनाज को कीचड़ और पानी से अलग करने के लिए वे खटिया और बोरियों का सहारा ले रहे हैं। जो थोड़ा-बहुत अनाज बच पा रहा है, उसे सड़कों के किनारे सुखाया जा रहा है ताकि कम से कम परिवार के खाने के लिए कुछ दाने बचाए जा सकें।
लाचारी और मुआवजे की गुहार
इस आपदा का दर्द स्थानीय किसान मुबारक अंसारी की बातों में साफ झलकता है। उन्होंने बताया कि उनकी 10 कट्ठा जमीन थी, जिससे उन्हें करीब सात से आठ क्विंटल उपज की उम्मीद थी। लेकिन बारिश के कहर के बाद अब दो क्विंटल अनाज निकालना भी मुश्किल हो गया है। अंसारी के कंधों पर 15 सदस्यों वाले परिवार की जिम्मेदारी है और आय का कोई दूसरा जरिया नहीं है। फसल बर्बाद होने का मतलब है कि अब बाजार से राशन खरीदना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।
किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जमापूंजी और मेहनत इस फसल में लगाई थी, लेकिन कुदरत की मार ने सब कुछ छीन लिया। अब फसल बचाने के लिए उन्हें अतिरिक्त मजदूरी और मेहनत करनी पड़ रही है, जबकि उनके पास संसाधन नहीं हैं। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द खेतों का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा व राहत राशि दी जाए ताकि वे इस संकट से उबर सकें।