गंगा में कचरा फेंकने पर भड़का प्रशासन, फेरी ऑपरेटर को नोटिस जारी
भागलपुर प्रशासन ने MV स्वामी परमहंस के ऑपरेटर को गंगा में प्लास्टिक फेंकने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

भागलपुर में गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चल रहे फेरी जहाज 'MV स्वामी परमहंस' (WB-1767) के ऑपरेटर की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इस जहाज से प्लास्टिक कचरा, खाली बोतलें और अन्य गंदगी सीधे पवित्र गंगा नदी में फेंकी जा रही थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है।
प्रशासन ने इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए संबंधित ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ऑपरेटर से 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है कि आखिर क्यों उनका ऑपरेटिंग परमिट रद्द नहीं कर दिया जाए और उन पर भारी जुर्माना क्यों न लगाया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
जिला प्रशासन ने सभी फेरी ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रियों द्वारा उत्पन्न किया गया सारा कचरा, विशेषकर प्लास्टिक की बोतलें और फूड पैकेट, जहाज पर ही इकट्ठा किया जाए। इस कचरे को निर्धारित नगर पालिका प्रक्रियाओं के अनुसार ही ठिकाने लगाना होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गंगा की सफाई को लेकर प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है।
अगर ऑपरेटर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या भविष्य में दोबारा ऐसी घटना हुई, तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके परमिट को स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।