गंगा में कचरा फेंकने पर भागलपुर प्रशासन सख्त, फेरी ऑपरेटर को नोटिस जारी
भागलपुर प्रशासन ने गंगा नदी में गंदगी फैलाने वाले फेरी ऑपरेटर को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा नदी पर चलने वाली फेरी सेवाओं की निगरानी अब और कड़ी कर दी गई है। भागलपुर जिला प्रशासन ने गंगा नदी की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खबर मिलते ही कि एक फेरी सेवा के जरिए नदी में प्लास्टिक और अन्य कचरा फेंका जा रहा है, प्रशासन ने संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए फेरी ऑपरेटर को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। ऑपरेटर से 24 घंटे के भीतर यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि नियमों के उल्लंघन के लिए उनका लाइसेंस क्यों रद्द नहीं किया जाए और उन पर भारी जुर्माना क्यों न लगाया जाए। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छ गंगा के लिए कड़े निर्देश
जिला प्रशासन ने केवल एक ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि भागलपुर के सभी फेरी और नाव संचालकों को सख्त चेतावनी जारी की है। नए निर्देशों के अनुसार:
- किसी भी परिस्थिति में प्लास्टिक, खाली बोतलें, खाने के पैकेट या अन्य कचरा गंगा नदी में फेंकने की अनुमति नहीं होगी।
- सभी नाव संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका स्टाफ यात्रियों को गंदगी फैलाने से रोके।
- कचरे के संग्रहण और उसके सही निपटान की पूरी जिम्मेदारी ऑपरेटर की होगी।
प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि गंगा की स्वच्छता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हुईं, तो बिना किसी देरी के लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से भी अपील की है कि वे नदी को प्रदूषण मुक्त रखने में सहयोग करें, क्योंकि गंगा की पवित्रता बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।