भागलपुर में खाद डीलरों का हंगामा, मनमाने दाम और जबरन सामान थोपने के खिलाफ खोला मोर्चा

भागलपुर जिले में खुदरा खाद विक्रेताओं ने थोक सप्लायरों की मनमानी और जबरन सामान थोपने के खिलाफ प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन सौंपे हैं। 22 सितंबर 2026 को सुल्तानगंज में 29 खुदरा खाद डीलरों ने बीएओ संकेत कुमार तिवारी को ज्ञापन सौंपा, जबकि शंखकुंड में मोहम्मद अनवर खान के नेतृत्व में एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने 21 सितंबर 2026 को आवेदन दिया।
- खुदरा विक्रेताओं ने थोक विक्रेताओं पर एमओपी, डीएपी, यूरिया और एनपीके जैसी जरूरी खादों के तय दामों से ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप लगाया है।
- थोक विक्रेता डीलरों को जिंक, कैल्शियम और नैनो यूरिया जैसे अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिसे जबरन टैगिंग कहा जा रहा है।
- डीलरों का कहना है कि उन्हें प्रति बोरी 50 से 55 रुपये का अतिरिक्त ढुलाई खर्च खुद उठाना पड़ रहा है, जिससे सरकार द्वारा तय कीमतों पर खाद बेचना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया है।
- खुदरा संघों ने घोषणा की है कि जब तक पारदर्शी दाम और भरोसेमंद फ्री ऑन रोड डिलीवरी व्यवस्था लागू नहीं होती, वे गोदामों से खाद उठाना बंद कर देंगे।
कृषि अधिकारियों और मंत्री का बयान
बीएओ संकेत कुमार तिवारी ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की और कहा कि शिकायतों को जिला कृषि अधिकारी के पास भेजा जाएगा। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 21 सितंबर को स्थिति पर बात करते हुए कहा कि सरकार मिट्टी की जांच के आधार पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी गड़बड़ी की सूचना आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर दें।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और खपत में कमी
राज्य में हाल ही में क्यूआर कोड और फर्टिलाइजर्स सेल एप्लीकेशन सिस्टम का उपयोग करके एक डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक इस पहल से, जिसकी सितंबर महीने के दौरान पीरपैंती, शंखकुंड और सनहौला जैसे इलाकों में निगरानी समिति की बैठकों में चर्चा हुई, कालाबाजारी रुकने से खाद की खपत में लगभग 35 प्रतिशत की कमी आई है।