त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले भागलपुर में महंगाई बढ़ गई है। चीनी, दाल, सरसों तेल और चना के भाव में तेजी आने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। थोक और खुदरा बाजार के दामों में बड़ा अंतर होने से उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
- त्योहारी सीजन में चीनी, दाल और तेल के दाम बढ़े
- थोक में चीनी 60 और खुदरा में 70 रुपये किलो बिक रही है
- दलहन की कीमतों में 5 से 6 रुपये किलो का उछाल आया है
थोक बाजार में चीनी करीब 60 रुपये प्रति किलो जबकि खुदरा बाजार में चीनी 70 रुपये प्रति किलो मिल रही है। इसके कारण मिठाइयों और पकवानों की तैयारी महंगी हो गई है। वहीं सभी दलहन की कीमतों में 5 से 6 रुपया प्रति किलो का उछाल आया है। इसके साथ ही सरसों तेल और चना की कीमतों में लगातार तेजी के संकेत देखे जा रहे हैं।
भागलपुर थोक मंडी के व्यवसायी मनीष कुमार का कहना है कि त्योहारों के समय मांग बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इस बार पीछे से ही माल महंगा आ रहा है। सावन के महीने में भी चीनी के तेवर कड़े थे, और अब त्योहारी सीजन में आपूर्ति प्रभावित होने और लागत बढ़ने के कारण चीनी का थोक भाव 60 रुपये तक पहुंच गया है। जब हमें ही माल महंगा मिलेगा, तो खुदरा बाजार में कीमतें बढ़ना तय है। दाल और सरसों तेल के दामों में भी तेजी के संकेत हैं, जिससे बाजार में खरीदार बजट संभालकर चल रहे हैं। गृहिणी सरस्वती पांडे ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि महंगाई ने घर का पूरा बजट तहस-नहस कर दिया है। त्योहारों में मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन अब चाय-पानी की पारंपरिक मेहमाननवाजी पर भी भारी खर्च बैठ रहा है। हालात ये हैं कि सुबह की बेड टी में कटौती करनी पड़ रही है। चीनी, दाल और तेल जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। पहले से ही मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रसोई चलाना चुनौतीपूर्ण था, अब त्योहारों की खुशी मनाने के लिए भी हर एक रुपये का हिसाब लगाना मजबूरी बन गया है। दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के ठीक पहले खाद्य पदार्थों के दामों में आई यह तेजी घरेलू बजट पर भारी दबाव बना रही है। त्योहारी सीजन में खानपान से लेकर घरेलू खर्च वैसे ही बढ़ जाते हैं; ऐसे में आम जनता के बीच अब यही बड़ा सवाल तैर रहा है कि बाजार की इस बेलगाम महंगाई पर प्रशासन कब लगाम लगाएगा और आम लोगों को राहत कब मिलेगी।