भागलपुर में गंभीर बाढ़ और जल निकासी के संकट के बीच, बुडको के इंजीनियरों ने नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के साथ एक औपचारिक बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की वर्षा जल निकासी प्रणाली में तुरंत सुधार लाने पर चर्चा करना था। नगर आयुक्त ने इंजीनियरिंग टीम को जल निकासी की विफलता को रोकने के लिए एक मजबूत कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। अब बुडको को इन निर्देशों के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू करनी है।
जिले में बाढ़ की स्थिति बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिससे लगभग
6.4 लाख लोग और
1.5 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 13 स्थानों की
92 पंचायतें पानी में डूब गई हैं और प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर
376 हो गई है। गुरुवार 10 सितंबर 2026 को शाम 6:00 बजे सुल्तानगंज में गंगा नदी
36.68 मीटर दर्ज की गई, जो खतरे के निशान से
2.18 मीटर ऊपर है। इस बाढ़ की वजह से जिले में पांच लोगों की जान चली गई है, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं जो डूब गए थे।
इस गंभीर संकट से निपटने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अलंकारिता पांडे व्यापक राहत कार्यों की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने रोजाना 5.42 लाख से अधिक लोगों को खाना खिलाने के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या
91 से बढ़ाकर 183 कर दी है। इसके अलावा, बचाव कार्य के लिए
101 नावें लगाई गई हैं और बेघर हुए लोगों को
8,910 पॉलीथीन शीट बांटी गई हैं। लोगों के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए पशु चिकित्सा शिविरों की संख्या बढ़ाकर ग्यारह कर दी गई है और
24 घंटे चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के इस काम से पहले राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों ने भी जायजा लिया था। 5 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कटाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था और 9 सितंबर 2026 को प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने राहत शिविर का निरीक्षण किया था। इस आपदा के समय राहत कार्य में शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल राहत शिविरों में तैनात है।