भागलपुर बाढ़ से बेहाल, जानिए कैसे 3.87 लाख लोग हुए प्रभावित और क्या हैं ताजा हालात

MyBhagalpur Team10 September 20262 min read30 viewsSad/Bad
भागलपुर बाढ़ से बेहाल, जानिए कैसे 3.87 लाख लोग हुए प्रभावित और क्या हैं ताजा हालात

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है और गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। गुरुवार, 10 सितंबर 2026 तक भागलपुर शहर में जलस्तर 34.58 मीटर पर स्थिर है, जो 33.68 मीटर के खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) का अनुमान है कि भागलपुर में 10 सेंटीमीटर और सुल्तानगंज तथा कहलगांव में 9-9 सेंटीमीटर की कमी आ सकती है। इस आपदा से 13 प्रशासनिक अंचलों के 82 पंचायतों और 269 गांवों के 3,87,600 लोग प्रभावित हुए हैं तथा प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़कर 93,693 हो गई है।

  • भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है।
  • आपदा से 13 अंचलों के 269 गांवों के 3,87,600 लोग प्रभावित हुए हैं।
  • चार लोगों की जान जा चुकी है जिसमें पूर्व विधायक गोपाल मंडल के भतीजे भी शामिल हैं।
  • जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

चार लोगों की हुई मौत

इस आपदा में चार लोगों की जान चली गई है, जिसमें डूबने से पूर्व विधायक गोपाल मंडल के भतीजे, एक तीन साल का बच्चा, एक 16 साल का छात्र और राहत शिविर में बीमारी के कारण जान गंवाने वाले एक बुजुर्ग शामिल हैं।
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बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं बाधित

बुनियादी ढांचा और जन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। भागलपुर यूनिवर्सिटी परिसर डूब गया है जहां आने-जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड़ रहा है और कहलगांव तथा पीरपैंती में 31 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। नाथनगर में बाढ़ और संरचनात्मक जोखिम के कारण एनएचएआई (NHAI) ने डोगछी के पास चार लेन की सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए हैं।

प्रशासनिक और राहत कार्य

जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय ने पैदल ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और अधिकारियों को 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए घर पर भोजन पहुंचाने का निर्देश दिया तथा सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता की खुद जांच की। प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए राहत शिविरों का औचक निरीक्षण किया, जहां अब बच्चों के लिए एलसीडी टेलीविजन की भी व्यवस्था की गई है। संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने नावों की संख्या 71 से बढ़ाकर 90 कर दी है और 22 सामुदायिक रसोई बनाई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और राजनीतिक बयान

भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय (BAU) ने तेज हवाओं और भारी बारिश के लिए 48 घंटे का अलर्ट जारी किया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने फरक्का जल संधि में संशोधन की अपनी मांग को फिर से दोहराया है, उनका कहना है कि मौजूदा समझौता बिहार की अनदेखी करता है और गाद जमा होने की वजह बनता है जिससे बाढ़ की समस्या और बढ़ जाती है। मौजूदा 30 साल की यह संधि दिसंबर 2026 में खत्म होने वाली है।

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