भागलपुर बाढ़ आपदा में चार की मौत, गंगा खतरे के निशान से ऊपर

MyBhagalpur Team10 September 20262 min read30 viewsSad/Bad
भागलपुर बाढ़ आपदा में चार की मौत, गंगा खतरे के निशान से ऊपर

भागलपुर में बाढ़ और बढ़ते जलस्तर ने भारी तबाही मचाई है। भागलपुर जिले में जारी बाढ़ संकट के कारण चार लोगों की मौत हो गई है।

  • चार मौतें: भागलपुर में बाढ़ के कारण चार लोगों की जान गई है।
  • प्रमुख घटना: पूर्व विधायक गोपाल मंडल के 18 वर्षीय भतीजे शुभम कुमार की डूबने से मौत।
  • प्रभावित क्षेत्र: नवगछिया, पीरपैंती, अजगैविनाथ धाम और नाथनगर।
  • बिहार का हाल: बिहार के 14 जिलों में 35.83 लाख लोग प्रभावित, 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर।

भागलपुर में बाढ़ की भयावह स्थिति


गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान पर होने के कारण भागलपुर में बाढ़ का संकट गहरा गया है। मृतकों में पूर्व विधायक गोपाल मंडल के 18 वर्षीय भतीजे शुभम कुमार भी शामिल हैं, जिनकी मौत मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से हुई। 10 सितंबर 2026 को सामने आई ये मौतें डूबने, करंट लगने और बीमारी के कारण नवगछिया, पीरपैंती, अजगैविनाथ धाम और नाथनगर में हुईं। पूरे बिहार में बाढ़ के कारण 14 जिलों के 35.83 लाख लोग प्रभावित हैं और आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अकेले भागलपुर में 82 पंचायतें और 269 गांव पानी में डूब चुके हैं। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान से 1.84 मीटर ऊपर बह रही है, जो रिकॉर्ड बाढ़ के स्तर से महज छह सेंटीमीटर दूर है, जिससे इंजीनियरिंग टीमों के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया गया है। भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में आवासीय इलाकों में पानी तीन से चार फीट की गहराई तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को मजबूरन बड़े पैमाने पर पलायन करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक राहत और बचाव कार्य


जिला प्रशासन ने 24 घंटे काम करने वाले आपदा प्रबंधन और बचाव अभियान शुरू कर दिए हैं और 0641-2402871 पर एक आपातकालीन संपर्क लाइन स्थापित की गई है। मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने प्रभावित वार्ड 9 और 10 का दौरा किया और लगभग 3,000 परिवारों के लिए भोजन सहायता और राहत किट देने का वादा किया है, साथ ही पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 26 सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर क्लास चलाने का आदेश दिया है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) परिसर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, अधिकारियों को प्रशासनिक भवन तक पहुंचने के लिए दो नावें चलानी पड़ीं। 5 सितंबर को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया में राघोपुर बांध का निरीक्षण किया था और सभी सुरक्षा संरचनाओं की चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया था। 5 सितंबर की शुरुआती रिपोर्टों में पूरे राज्य में बाढ़ से तीन मौतें होने की बात कही गई थी, लेकिन 10 सितंबर के अपडेटेड आंकड़ों में अकेले भागलपुर जिले में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

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