भागलपुर में बाढ़ का कहर, नाथनगर प्रखंड के गांव डूबे

भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश से बाढ़ का गंभीर संकट पैदा हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में रत्तीपुर, बैरिया, शंकरपुर, अजमेरीपुर, रशीदपुर, श्रीरामपुर और आसपास के इलाके शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे कपड़े, बिस्तर, अनाज और लकड़ी भीग गए हैं। लोग खाना नहीं बना पा रहे हैं और सूखे राशन पर निर्भर हैं। विस्थापित परिवार रवींद्र भवन तिलकोठी के पास बने अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं। दिलदारपुर बिंटोला के बाढ़ पीड़ित सदानंद महतो ने बताया कि थोड़ी राहत के बाद रातभर में पानी तेजी से बढ़ गया, जिससे बारिश जारी रहने के कारण हालात और खराब हो गए। महतो ने कहा कि शंकरपुर बिंटोला, दिलदारपुर और रत्तीपुर-बैरिया के निवासी हर साल बाढ़ का शिकार होते हैं, लेकिन इस बार के मौसम ने संघर्ष को और बढ़ा दिया है। उन्होंने निराशा जताई कि निकलने के बाद से किसी भी जनप्रतिनिधि ने उनकी सुधि नहीं ली है। एक अन्य पीड़ित वकील निषाद ने उचित आश्रय की कमी का जिक्र करते हुए बताया कि परिवारों को ऊंचे रास्तों पर प्लास्टिक शीट और बोरियों के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाड़ के पानी के साथ जहरीले सांप और बिच्छू भी अस्थायी शिविरों में आ गए हैं। निषाद ने पिछले साल हुई एक महिला की सांप के काटने से मौत को याद किया और कहा कि खतरा अभी भी बना हुआ है। मवेशियों के लिए चारे की भी भारी कमी है और महिलाएं जानवरों को खिलाने के लिए आसपास के इलाकों से चारा ढूंढ रही हैं। ग्रामीणों ने प्लास्टिक के तंबू, भोजन, साफ पीने का पानी, सूखा राशन, लकड़ी और जहरीले जीवों से सुरक्षा के लिए तुरंत सरकारी मदद की मांग की है, क्योंकि अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिली है।