भागलपुर जिला प्रशासन गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और उसके बहाव में बदलाव के बाद पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी संवेदनशील और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग कटाव रोकने और जरूरी ढांचे को बचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। खतरे वाले इलाकों के लोगों को सतर्क किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की तैयारी है।
प्रशासन के कामों का मुख्य केंद्र महादेवपुर बांध है, जहां तेज बहाव से मुश्किल स्थिति बनी हुई है। बांध के एक बड़े हिस्से को सुरक्षित करने के लिए काफी सुरक्षा कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन वहां अब भी कटाव जारी है। इन हालात के कारण वहां बने पुराने ढांचे और एक मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है।
विशेषज्ञों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और महादेवपुर बांध को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए तुरंत सुरक्षा कार्य कर रही हैं।
बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन राहत कार्यों को बढ़ा रहा है। बुधवार रात से नाथनगर के शंकरपुर स्थित मध्य विद्यालय में एक नया सामुदायिक किचन शुरू होगा, जो बाढ़ पीड़ितों को खाना देगा। यह जिले में पहले से चल रहे चार सामुदायिक किचन के अलावा है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि हालात के अनुसार अन्य प्रभावित इलाकों में भी राहत शिविर और सामुदायिक किचन बनाए जाएंगे। इन राहत शिविरों में खाना, पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं दी जाएंगी।
वर्तमान में राहत शिविर गणेश बासा और जाह्नवी चौक के पास साहू ईंट भट्ठा पर चल रहे हैं।