भागलपुर में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय नगर निगम ने मिलकर सात प्रमुख जगहों पर राहत शिविर बनाए हैं। जिला प्रशासन के आदेश पर महाशय ड्योढ़ी, चर्च मैदान, बाल निकेतन, तिलहा कोठी, टीएनबी कॉलेजिएट मैदान, पुराना इवनिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में ये राहत शिविर खोले गए हैं।
राहत शिविरों में लोगों की सेहत और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए साफ पीने का पानी, नियमित साफ-सफाई और मच्छरों को भगाने के लिए फॉगिंग कराई जा रही है। इसके अलावा प्रशासन ने प्रभावित लोगों को खाना खिलाने के लिए कम्युनिटी किचन यानी सामुदायिक रसोई भी शुरू की है।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार खतरा बढ़ा रहा है। 6 सितंबर 2026 तक सुल्तानगंज में गंगा नदी खतरे के निशान से 2.06 मीटर ऊपर और कहलगांव में 1.42 मीटर ऊपर बह रही थी। पूरे बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। इसके तहत राज्य भर में 190 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं, बचाव कार्य के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं और 171 मेडिकल कैंप बनाए गए हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन राहत कार्यों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने हवाई सर्वेक्षण किया है और अधिकारियों को बक्सर से भागलपुर तक के तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है ताकि नदी के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पक्की की जा सके।