चौंकाने वाली खबर: बाढ़ राहत राशि के नाम पर हो रही है अवैध वसूली

भागलपुर के अकबरनगर क्षेत्र में बाढ़ राहत यानी जीआर राशि के नाम पर बिचौलियों द्वारा बाढ़ पीड़ितों से अवैध पैसे वसूलने की बात सामने आई है। स्थानीय शिकायतों के अनुसार, अकबरनगर नगर पंचायत के साथ-साथ खेहरैया और अंग्रेजी चिचराौन पंचायत क्षेत्रों में लोगों को 2,500 रुपये से 3,000 रुपये तक देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह मांग उन बाढ़ पीड़ितों से भी की जा रही है जिनके नाम पहले से ही आधिकारिक सरकारी लाभार्थी सूची में दर्ज हैं। अकबरनगर के अंचल अधिकारी रमन कुमार ने इन आरोपों पर बात की है और स्पष्ट रूप से निवासियों को सरकारी राहत सूची में नाम शामिल कराने के लिए किसी भी बिचौलिए को पैसे न देने की चेतावनी दी है। यह कथित शोषण बिहार में एक बड़े राज्यव्यापी राहत प्रयास के बीच हो रहा है, जहां हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को 579.23 करोड़ रुपये की जीआर राशि ट्रांसफर की है, जिसमें प्रत्येक परिवार को 7,000 रुपये दिए गए हैं। 10 सितंबर 2026 तक भागलपुर में बाढ़ की स्थिति से 92 पंचायतों में लगभग 6.4 लाख लोग और लगभग 1.5 लाख परिवार प्रभावित हुए थे। हालांकि प्रशासन ने 101 नावें तैनात की हैं, 183 सामुदायिक रसोई चलाई हैं और 23,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, फिर भी प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा प्राथमिकता बना हुआ है। आधिकारिक निर्देशों में यह अनिवार्य किया गया है कि सभी पात्र परिवारों को राहत प्रक्रिया में शामिल किया जाए, और भ्रष्ट प्रथाओं के माध्यम से सरकारी सहायता से वंचित करने के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है।