भागलपुर में बाढ़ का कहर, TMBU परिसर पर मंडराया विस्थापन का खतरा

MyBhagalpur Team31 August 20262 min read32 viewsCity Local
भागलपुर में बाढ़ का कहर, TMBU परिसर पर मंडराया विस्थापन का खतरा

भागलपुर में बाढ़ की गंभीर स्थिति से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और TMBU परिसर में शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं। 31 अगस्त 2026 तक तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय क्षेत्र में भीषण बाढ़ से हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

भागलपुर शहर में पिछले 24 घंटे में जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटकर 33.34 मीटर पर आ गया है, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से 34 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। सुलतानगंज और कहलगांव में जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और बरारी घाट के पास गंगा का दबाव बना हुआ है।

प्रभावित क्षेत्र और TMBU परिसर का हाल

शंकरपुर, चौवानिया, दारापुर, रत्तीपुर, बैरिया और अजमेरीपुर गांवों के लगभग 30,000 निवासी प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी TMBU परिसर में प्रवेश कर चुका है, जिससे लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी, पीजी महिला हॉस्टल और प्रशासनिक भवन प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद, न तो विश्वविद्यालय प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ने परिसर में बाढ़ पीड़ितों को आश्रय देने के संबंध में कोई औपचारिक निर्देश जारी किया है, जिससे संभावित अराजकता की चिंता बढ़ गई है। अगस्त 2025 के टकराव की यादें ताजा हैं, जब रोके जाने के बाद विस्थापित लोगों ने परिसर में प्रवेश करने के लिए ताले तोड़ दिए थे।

प्रशासनिक तैयारी और राहत कार्य

जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने बाढ़ नियंत्रण, राहत और बचाव कार्यों से निपटने के लिए 30 अगस्त 2026 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें पीने के पानी, स्वच्छता और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था शामिल है। जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने लाइफ जैकेट की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए 3, 7 और 10 सितंबर को कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं। ये कदम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 24 अगस्त 2026 के उस निर्देश के बाद उठाए गए हैं, जिसमें उन्होंने अपने हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने और सतर्कता बढ़ाने का आग्रह किया था।

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