भागलपुर: गंगा की बाढ़ से बेबस लोग, स्कूल में शरण लेने पर मचा हंगामा, ठेकेदार से तीखी बहस

भागलपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की विभीषिका छाई हुई है। शुक्रवार सुबह टीएनबी कॉलेजिएट स्कूल परिसर में उस समय भारी तनाव का माहौल बन गया, जब बाढ़ से प्रभावित करीब 50 से 60 लोग वहां शरण लेने पहुँचे।
- बढ़ता जलस्तर: गंगा की बाढ़로 인해 लोगों के घरों में घुटने भर पानी भर गया है।
- शरणार्थी: करीब 50 से 60 पीड़ित परिवार अपने परिवार, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ स्कूल पहुँचे।
- विवाद विवाद: स्कूल परिसर में निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा, जिससे हंगामा हुआ।
- इतिहास: पीड़ित परिवार पिछले 25 वर्षों से बाढ़ आने पर इसी स्कूल में शरण लेते रहे हैं।
शरण लेने से रोकने पर हंगामा
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें स्कूल परिसर से बाहर जाने के लिए कहा गया, जिससे मौके पर काफी देर तक तीखी बहस और गहमागहमी की स्थिति बनी रही। पीड़ितों ने रोष जताते हुए कहा कि यह उनके लिए कोई नया ठिकाना नहीं है, क्योंकि पिछले 25 वर्षों से जब भी उनके घरों में बाढ़ का पानी घुसता है, वे इसी स्कूल परिसर में आकर अस्थायी रूप से आसरा लेते रहे हैं।
बेबस लोगों का सवाल
पीड़ितों के मुताबिक, स्कूल में निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बेबस लोगों ने सवाल उठाया कि जब रहने की कोई जगह नहीं बची है, तो आपदा की इस घड़ी में वे अपना परिवार लेकर आखिर कहाँ जाएँ?
समझौता और प्रशासन की भूमिका
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और जिम्मेदार नागरिकों ने बातचीत के जरिए मामले को शांत कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ठेकेदार की ओर से लिखित सहमति दी गई और बाढ़ पीड़ितों को वहीं रहने की अनुमति मिली। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जब तक घरों से पानी नहीं निकल जाता, तब तक पीड़ितों को यहीं रहने दिया जाए।
साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन परिवारों के लिए रहने, खाने-पीने और चिकित्सीय सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन के स्तर से मिले आश्वासन के बाद मौके पर बना तनाव धीरे-धीरे शांत हुआ।