भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों का दर्द, एक महीने से पानी में डूबे हैं घर

भागलपुर में भीषण बाढ़ के कारण सैकड़ों विस्थापित परिवार पिछले एक महीने से राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर के तिला कोठी में रहने वाले 25 साल के राज किशोर जैसे लोगों ने अपने कागजात, नकदी और आभूषण खो दिए हैं। हैदराबाद से लौटे राज किशोर ने बताया कि दीदारपुर बिंद टोला स्थित उनका घर डूबा हुआ है और ड्रमों में रखा अनाज भी पानी में है। काले प्लास्टिक, पुरानी साड़ियों और रंग-कपड़ों से बने इन अस्थायी शिविरों में वे परिवार रह रहे हैं जिन्होंने अपना अधिकांश सामान खो दिया है। टीएनबी कॉलेजिएट ग्राउंड राहत शिविर में भी ऐसे ही हालात हैं, जहां दीदारपुर, शंकरपुर और बरारीरिया के डूबे हुए इलाकों के करीब 650 लोगों को खाना दिया जा रहा है। शिक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि इस शिविर में करीब 400 मवेशी भी हैं और उनके लिए चारे व पशु चिकित्सा का अलग इंतजाम है। पंजाब और तेलंगाना से लौटे सुमन कुमार, करण कुमार और रवि कुमार जैसे कई प्रवासी मजदूर आपदा की खबर सुनकर बिना रुका हुआ वेतन मिले ही लौट आए। सुमन कुमार ने बताया कि लुधियाना और Bhagalpur के बीच हफ्ते में सिर्फ एक ट्रेन चलने से आना-जाना बहुत मुश्किल था।