शहवासियों सावधान! वीआईपी कॉलोनियों में घुसा बाढ़ का पानी, एनएच-80 भी चपेट में

MyBhagalpur Team6 September 20262 min read37 viewsCity Local
शहवासियों सावधान! वीआईपी कॉलोनियों में घुसा बाढ़ का पानी, एनएच-80 भी चपेट में

भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे पूरे शहर में बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। तटीय इलाकों के साथ-साथ अब शहर के शैक्षणिक संस्थान, मुख्य राजमार्ग और कई नए रिहायशी इलाके भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं।

  • गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
  • वीआईपी कॉलोनियों और यूनिवर्सिटी कैंपस में पानी घुसा
  • साहेबगंज में 500 से अधिक घर डूबे
  • एनएच-80 पर चार फीट पानी बह रहा है

शैक्षणिक संस्थान और हॉस्टल डूबे

बाढ़ का पानी अब शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों तक पहुंच गया है। तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी कैंपस, प्रोफेसर कॉलोनी और बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी के पीजी गर्ल्स हॉस्टल और अन्य हॉस्टलों में पानी घुसने के कारण पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हॉस्टलों को खाली कराकर छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।
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वीआईपी कॉलोनियों का बुरा हाल

शहर के पॉश इलाकों में शुमार आदमपुर बैंक कॉलोनी और मानिक सरकार घाट की मुख्य सड़कें समंदर में तब्दील हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी अपार्टमेंट्स और घरों के निचले तलों में घुस गया है, जहां 3 फीट से अधिक पानी जमा है। मानिक सरकार घाट के पास कॉलोनी और नदी के बीच सुरक्षा दीवार का काम करने वाला नाला पूरी तरह डूब चुका है, जिससे नदी का पानी सीधे रिहायशी इलाकों में फैल रहा है। इसके अलावा, आदमपुर स्थित सीएमएस स्कूल परिसर भी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है।

साहेबगंज में महामारियों का खतरा

वहीं साहेबगंज इलाके की स्थिति सबसे बदतर है, जहां 500 से अधिक घर बाढ़ के गंदे पानी में डूब चुके हैं। जलजमाव के कारण इलाके में सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीवों और मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे मलेरिया और डायरिया जैसी महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। गंदगी और बदबू के कारण लोग घरों में रहने में असमर्थ हैं और अपने रिश्तेदारों या ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।

सुलतानगंज और नवगछिया में तबाही

बाढ़ का असर सिर्फ मुख्य शहर तक सीमित नहीं है। सुलतानगंज में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिसके कारण प्रसिद्ध अजगैबीनाथ गंगा घाट और नमामि गंगे घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। वहीं, नवगछिया के निचले इलाकों में पानी फैलने से केले और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है।

एनएच-80 पर वाहनों का आवागमन खतरनाक

भागलपुर को पटना, मुंगेर और सुल्तानगंज से जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग भवनाथपुर के पास भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। सड़क पर करीब 4 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे वाहनों का आवागमन बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो गया है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो भागलपुर का पटना और अन्य पड़ोसी जिलों से सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट जाएगा।

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