गंगा के बढ़ते जलस्तर से भागलपुर में मची तबाही, तीस हजार लोग हुए बेघर

भागलपुर में गंगा नदी का पानी बढ़ने से टीएमबीयू के पीछे बसा दियारा इलाका डूब गया है, जिससे करीब 30 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी शंकरपुर, चौवानिया, दारापुर, रत्तीपुर, बैरिया और अजमेरीपुर जैसे कई इलाकों में घुस गया है। रास्ते डूबने की वजह से लोग आने-जाने और जरूरी काम के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने बताया कि टीएमबीयू कैंपस के पास रास्ते और गेट बंद होने से लोगों को पांच किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस रास्ते के बंद होने से मरीजों और अस्पताल जाने वालों को बहुत परेशानी हो रही है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं समेत बेघर हुए परिवार ऊंची जगहों पर शरण ले रहे हैं। टीएनबी कॉलेजिएट मैदान में शरण लेने को लेकर तनाव बढ़ गया, जब सोमवार रात और बुधवार सुबह मवेशियों और सामान के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रहे बाढ़ पीड़ितों को नगर निगम के पार्क निर्माण कार्य के कारण रोक दिया गया। इससे बाढ़ पीड़ितों और ठेकेदार के बीच झड़प हो गई। ग्रामीण सुनील मंडल ने शरण की सख्त जरूरत पर जोर दिया और बताया कि नगर निगम को इसकी सूचना दे दी गई है। शंकरपुर पंचायत के मुखिया ने नाथनगर अंचल अधिकारी को इस हालात की जानकारी दे दी है। लोग प्रशासन से राहत शिविर लगाने, नावों की संख्या बढ़ाने और यूनिवर्सिटी इलाके के पास बंद रास्तों की समस्या को ठीक करने की मांग कर रहे हैं।