भागलपुर में बाढ़ का कहर, गंगा का जलस्तर 34.46 मीटर पर पहुंचा

MyBhagalpur Team7 September 20262 min read33 viewsSad/Bad
भागलपुर में बाढ़ का कहर, गंगा का जलस्तर 34.46 मीटर पर पहुंचा

भागलपुर के नाथनगर और अकबरनगर इलाकों में भीषण बाढ़ का कहर जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 7 सितंबर 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 34.46 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से 78 सेंटीमीटर ऊपर है और हाई फ्लड लेवल 34.86 मीटर से सिर्फ 40 सेंटीमीटर नीचे है। चौबीस घंटे में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाके और विस्थापन

नाथनगर के मोहिउद्दीननगर ब्लॉक में 11 पंचायतें डूब गई हैं। इससे करीब 25,000 लोग बेघर हो गए हैं जो अब छतों, ऊंचे स्थानों या सड़कों के किनारे तिरपाल के नीचे शरण लिए हुए हैं। सुरक्षा कारणों से सेंट जोसेफ स्कूल पकडतल्ला और हिमालयन स्कूल सहित शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। तोफिल और अंथावान जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापित लोगों की मदद के लिए अधिकारी कम्युनिटी किचन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

सड़क और परिवहन पर असर

नेशनल हाईवे 80 (एनएच-80) को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार 6 सितंबर 2026 को भवनाथपुर बाग और केन कैनरा बैंक के पास हाईवे पर डेढ़ से दो फीट बाढ़ का पानी बह रहा था जिससे चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हुई। मुंगेर-मिर्ज़ाचौकी ग्रीनफील्ड फोर-लेन सड़क के पास दोगाछी में भी असर दिखा है जहां बाढ़ का पानी सतह को पार कर गया है जिससे भागलपुर और सुल्तानगंज के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। निवासियों को डर है कि पानी का स्तर और बढ़ने से तीन जिलों में सड़क संपर्क कट जाएगा और परिवहन बाधित होगा।
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गांवों का टापू बनना और जलभराव

कई गांव टापू बन गए हैं और भवनाथपुर तथा बोचही में घर पांच से छह फीट पानी में डूब गए हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में अंग्रेजी छिचौरा, श्रीरामपुर, महैसी, पाइन, मकांडपुर और करहिया शामिल हैं। विस्थापन के कारण कई पीड़ितों को रेलवे स्टेशनों और स्कूल की इमारतों में शरण लेनी पड़ी है।

बिजली आपूर्ति ठप

आपदा के कारण बिजली का ढांचा भी चरमरा रहा है। अकबरनगर में कोलगामा में हाई-टेंशन लाइन पर पेड़ की टहनी गिरने से सात घंटे तक बिजली गुल रही, जबकि भुवलपुर फीडर पर बाढ़ का पानी उपकरणों में भर जाने से बिजली आपूर्ति रोक दी गई।

अधिकारियों के बयान

जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने 6 सितंबर को बताया कि हालांकि जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, लेकिन 8 सितंबर से पानी घटने की उम्मीद है। इससे पहले 1 सितम्बर को भागलपुर के जिलाधिकारी ने निवासियों से अपने जीवन, मवेशियों और जरूरी सामान की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। इसके अलावा जेडीयू नेता संजय कुमार झा ने 4 सितंबर को पुष्टि की कि उन्होंने और मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और पुष्टि की कि सरकार संकट से निपटने के लिए तैयार है।

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