भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से वन्यजीव सप्ताह के तहत सुंदरवन अरण्य विहार में एक विशेष जागरूकता और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस मनाने के लिए आयोजित किया गया था, जबकि वन्यजीव सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।
- क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस. कुमारसामी, डीएफओ आशुतोष राज और अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
- गंगा डॉल्फिन की विशेषताओं और नदी की सेहत पर चर्चा की गई।
- डॉलफिन मित्रों को सम्मानित किया गया और लोगों से गंगा व जलीय जीवों को बचाने की अपील की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस. कुमारसामी, प्रमंडलीय वन अधिकारी (डीएफओ) आशुतोष राज, मंदार नेचर क्लब के सचिव सुनील अग्रवाल, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के गवर्निंग मेंबर अरविंद मिश्रा और टीएमबीयू के जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. डी. एन. चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके की गई। इस कार्यक्रम का संचालन आदित्य अभिनव ने किया। क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस. कुमारसामी ने बताया कि
गंगा डॉल्फिन अपनी चंचल प्रवृत्ति, गति और विभिन्न आवाजों के जरिए संवाद करने की अनूठी क्षमता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने डॉल्फिन को गंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का मुख्य प्राकृतिक संकेतक बताया और कहा कि इनकी मौजूदगी पानी की शुद्धता और पर्यावरण की बेहतरी को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉल्फिन दिवस इन जलीय जीवों के सामने मौजूद खतरों को समझने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी सुरक्षा का संकल्प लेने का एक अवसर है।
प्रमंडलीय वन अधिकारी आशुतोष राज ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गंगा, डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि
एक स्वच्छ और अविरल गंगा का लक्ष्य केवल प्रशासनिक प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता, इसके लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने डॉल्फिन संरक्षण को केवल एक औपचारिक अभियान की बजाय एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
समारोह के दौरान डीएफओ आशुतोष राज ने जमीन पर डॉल्फिन की सुरक्षा और निगरानी के लिए काम करने वाले 'डॉल्फिन मित्रों' को पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें अपने संरक्षण कार्य में सतर्क रहने तथा किसी भी खतरे की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, विशिष्ट अतिथियों को भी अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में पशु चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी (भागलपुर) कुमार गौतम, वन क्षेत्र पदाधिकारी (कहलगांव) कंपनी कुमार और वन रक्षक आदित्य कुमार सिंह, अमरेश कुमार, आलोक राज, सुबोध दास, मुकेश कुमार तथा रुपेश कुमार सिंह सहित कई वन कर्मी और प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे।