भगालपुर में भारी बवाल: 7.5 घंटे जाम रहा फोरलेन, ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जताया गुस्सा

भगालपुर के नाथनगर इलाके में मंगलवार को ग्राम स्वराज समिति के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने कंजिया बाईपास के पास फोरलेन हाईवे को जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सड़क पूरी तरह बंद रही, जिससे हजारों यात्री फंसे रहे।
प्रदर्शन की मुख्य बातें:
- कंजिया बाईपास के पास करीब 7.5 घंटे तक फोरलेन हाईवे रहा जाम।
- रामपुर-कंजिया मुख्य सड़क की बदहाली और जलजमाव के खिलाफ प्रदर्शन।
- प्रशासन से लिखित आश्वासन न मिलने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
- तीन लोगों को हिरासत में लेकर यातायात बहाल कराया गया।
12 दिनों के मौन विरोध के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण
ग्रामीणों ने रामपुर-कंजिया मुख्य सड़क के एक किलोमीटर के हिस्से की खराब हालत और जल निकासी की कमी के कारण हुलास स्थान पर 12 दिनों तक मौन विरोध किया था। जब प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो 13वें दिन ग्रामीण हाईवे पर उतर आए।
ये थीं ग्रामीणों की 7 प्रमुख मांगें
ग्राम स्वराज समिति के समन्वयक शंभू शंकर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सात मांगें रखीं। इनमें रामपुर-कंजिया सड़क और ड्रेनेज सिस्टम का पुनर्निर्माण, नाथनगर-दरियापुर-बांका मुख्य सड़क का निर्माण और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गुरुकुल स्कूल के पास अंडरपास बनाना शामिल था। इसके अलावा, बाढ़ राहत वितरण में भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच, बाढ़ पीड़ितों को जीआर फंड का भुगतान, ब्राउन शुगर, गांजा और अवैध शराब की तस्करी पर रोक और पुलिस भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग की गई।
प्रशासन की कार्रवाई और लाठीचार्ज
शुरुआत में अंचल अधिकारी मनोहर कुमार और मधुसुदनपुर थाना प्रभारी संजय कुमार मंडल ने बातचीत की कोशिश की। बाद में एसडीओ सदर विकास कुमार, डीएसपी-2 राकेश कुमार, विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार, ट्रैफिक डीएसपी और बीडीओ शालिनी कश्यप भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने लिखित आश्वासन के बिना हटने से इनकार कर दिया। बातचीत विफल होने के बाद पुलिस ने बांस के बैरिकेड हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और तीन लोगों को हिरासत में लिया, जिसके बाद ट्रैफिक शुरू हो सका।
एसडीओ ने जताई नाराजगी
एसडीओ विकास कुमार ने सड़क जाम की निंदा करते हुए कहा कि नेशनल हाईवे को रोकना एक आपराधिक offense है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट कानूनी प्रक्रिया के तहत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जनता से अपील की कि वे ट्रैफिक बाधित करने के बजाय लिखित आवेदन के जरिए अपनी समस्याएं बताएं।