भागलपुर जिला प्रशासन ने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य के बंद होने के बाद गंगा नदी पर नाव और स्टीमर सेवाओं के लिए नए किराए के नियम आधिकारिक रूप से जारी कर दिए हैं। अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति ने नौ एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार कर ये दरें तय की हैं, जिससे पुल बंद होने के दौरान मनमाना किराया वसूलने पर रोक लग जाएगी। नए आदेश के तहत पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और एम्बुलेंस के लिए नाव की यात्रा पूरी तरह मुफ्त होगी। सरकार प्रति यात्री 35 रुपये के हिसाब से होने वाले खर्च का भुगतान खुद नाव चालकों को उनकी क्षमता के आधार पर करेगी।
निजी और व्यावसायिक वाहनों के लिए तय दरों की नई सूची जारी कर दी गई है।
मोटरसाइकिल के लिए 50 रुपये, ऑटो-रिक्शा और टोटो के लिए 150 रुपये प्रति चक्कर, तथा जीप, कार और टैक्सी के लिए 700 रुपये किराया तय किया गया है। कृषि और व्यावसायिक वाहनों के लिए
खाली ट्रैक्टर का 250 रुपये और भरे हुए ट्रैक्टर का 500 रुपये किराया रखा गया है। वहीं पिकअप वैन के लिए खाली होने पर 300 रुपये और सामान लदे होने पर 600 रुपये देने होंगे। इसके अलावा सामान और पशुओं की ढुलाई के लिए 30 रुपये प्रति 100 किलोग्राम का शुल्क तय किया गया है।
इन नियमों का पालन कराने के लिए अपर समाहर्ता ने सभी चालकों को घाटों पर सरकारी किराया सूची अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश दिया है।
तय किराए से ज्यादा पैसे वसूलने या यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ऑपरेटरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस वैकल्पिक व्यवस्था का उद्देश्य पुल निर्माण कार्य के दौरान उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रोजमर्रा की जिंदगी और व्यापार को सुचारू रूप से चालू रखना है।