गंगा कटाव की निगरानी कर रहे इंजीनियरों का मकान नदी में समाया

MyBhagalpur Team12 October 20262 min read0 viewsSad/Bad
गंगा कटाव की निगरानी कर रहे इंजीनियरों का मकान नदी में समाया

भागलपुर के खरीक प्रखंड के राघोपुर में महादेवपुर गांव में गंगा नदी का भीषण कटाव लगातार जारी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच सोमवार को यहां एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और इंजीनियर जिस पक्के मकान में बैठकर कटाव निरोधी कार्यों की निगरानी कर रहे थे, वह मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गंगा नदी में समा गया।

मकान के अंदर मौजूद थे अधिकारी


चश्मदीदों के मुताबिक, इंजीनियर और विभागीय टीम मकान के अंदर बैठकर राहत कार्यों की रणनीति बना रहे थे और मजदूरों को निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान नदी की तेज धारा ने मकान के नीचे की जमीन को पूरी तरह काट दिया। खतरे को भांपते हुए मकान के अंदर मौजूद इंजीनियर और अधिकारी तुरंत बाहर की ओर भागे। उनके बाहर निकलते ही मकान का एक बड़ा हिस्सा सीधे गंगा नदी में विलीन हो गया। इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार मची रही। गनीमत यह रही कि सभी तकनीकी अधिकारी और इंजीनियर समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

कटाव निरोधी कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल


इस घटना ने महादेवपुर में गंगा के कटाव की भयावह और चिंताजनक स्थिति को पूरी तरह उजागर कर दिया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस जगह को सुरक्षित मानकर विभाग खुद निगरानी कर रहा था और जहां कटाव रोकने के लिए लगातार जियो बैग और अन्य सामग्रियां डाली जा रही थीं, वही जमीन गंगा नदी की तेज धारा में समा गई। इससे बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा किए जा रहे कटाव निरोधी कार्यों की गुणवत्ता और दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल


गंगा का यह रौद्र रूप देखकर स्थानीय ग्रामीणों में भय, चिंता और गहरा आक्रोश है। महादेवपुर के दर्जनों घरों पर इस वक्त सीधा खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि यदि कटाव की रफ्तार यही रही, तो जल्द ही उनके खेत, खलिहान और आशियाने भी नदी में विलीन हो जाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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