भागलपुर जिले में गंगा नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर में भीषण कटाव के कारण हालात बेहद चिंताजनक और बेकाबू हो गए हैं। गंगा के तेज बहाव और लगातार हो रहे भू-कटाव की चपेट में आने से तटबंध का एक बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो गया है। स्थानीय लोगों की आस्था के केंद्र प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर भी गंगा नदी में समाहित हो चुके हैं।
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री और क्षेत्रीय विधायक ई कुमार शैलेंद्र ने बुधवार को राघोपुर पहुंचकर कटाव की स्थिति का स्थलीय जायजा लिया। मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से वर्तमान स्थिति की तकनीकी जानकारी ली।
उन्होंने कटाव रोधी कार्य की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री ई कुमार शैलेंद्र ने कहा कि गंगा नदी अपना नया रास्ता बना रही है।
उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और आबादी को बचाने के लिए मां दुर्गा और बजरंगबली ने खुद की आहुति दे दी है। राघोपुर और आसपास के इलाकों से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन हो रहा है।
सरकार प्रभावित लोगों के रहने और खाने-पीने की मुकम्मल व्यवस्था कर रही है और अत्याधुनिक जर्मन हैंगर टेंट लगाए जाएंगे।