भगालपुरीयिओं का डर: गंगा की लहरों ने रघुपुर गांव को घेरा, घर छोड़कर भाग रहे हैं लोग

बिहार के भगालपुर में गंगा नदी के कटाव से रघुपुर गांव पर खतरा मंडरा रहा है। लोग अपनी गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
- गंगा नदी का कटाव रघुपुर गांव के लिए बड़ा संकट बन गया है।
- लोग रेलवे लाइन के पुराने तटबंध के भरोसे हैं।
- जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे मौके पर कैंप कर रही हैं और स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
- दुर्गा मंदिर और बरहम बाबा स्थान जैसे धार्मिक स्थल भी खतरे में हैं।
गंगा की लहरों से दहशत में ग्रामीण
भगालपुर के रघुपुर गांव में गंगा नदी का कटाव इतना भयानक है कि लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। कई परिवार अपना सामान पैक कर सुरक्षित जगहों पर जाने लगे हैं। उन्हें डर है कि अगर कटाव नहीं रुका, तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा।
गांववाले अब सिर्फ एक पुराने रेलवे लाइन के तटबंध के भरोसे हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से अब तक गांव बचा हुआ है, लेकिन कटाव की रफ्तार देखकर उनकी चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि अगर यह तटबंध टूट गया, तो गांव पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
प्रशासनिक कार्रवाई और DM की निगरानी
भगालपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं। वह खुद मौके पर कैंप कर रही हैं ताकि स्थिति का सही आकलन कर सके। उन्होंने जल संसाधन विभाग को रघुपुर गांव को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया है और ग्रामीणों से शांत रहने की अपील की है।
घर और यादों का त्याग
गांव में लोग ट्रैक्टरों पर अपना सामान लादकर दूसरे स्थानों पर जा रहे हैं। कई लोगों ने अपने घरों को खाली कर दिया है। एक महिला ने दुख जताते हुए कहा कि वह अपने जन्मस्थान और बचपन की यादों को छोड़कर जाने को मजबूर है, क्योंकि उसे डर है कि उसका गांव नक्शे से मिट जाएगा।
धार्मिक स्थल और बचाव कार्य
कटाव की वजह से गांव के दुर्गा मंदिर और बरहम बाबा स्थान जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी खतरे में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन की देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कटाव रोकने के रोकने के लिए कदम पहले उठाए जाने चाहिए थे। फिलहाल, प्रशासन जियो-बैग्स, बांस के गट्ठर और बड़े पेड़ के तनों का इस्तेमाल कर कटाव को रोकने की कोशिश कर रहा है।