भागलपुर में गंगा कटाव से सौ साल पुराना मंदिर डूबा

MyBhagalpur Team1 September 20262 min read89 viewsCity Local
भागलपुर में गंगा कटाव से सौ साल पुराना मंदिर डूबा

भागलपुर के रघुनाथपुर में गंगा नदी के कटाव से 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर डूब गया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में बहुत डर फैल गया है। कटाव बहुत खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है, जिससे पास की रेलवे लाइन और हजारों घरों को बड़ा खतरा हो गया है।

ग्रामीणों का गुस्सा और अधिकारियों की तैनाती

स्थानीय ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग पर नदी के किनारे की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया है और अपना बहुत गुस्सा जताया है। हालात पर नजर रखने के लिए मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार वत्स और प्रखंड विकास अधिकारी मोना कुमारी सोनी मौके पर मौजूद हैं। 31 अगस्त 2026 को राजस्व अधिकारी पुंकेश राज और परवत्ता थाना अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने ब्रह्मबाबा स्थान और महादेवपुर घाट के बीच रेलवे लाइन इलाके को खाली कराया।

तटबंध टूटने से बढ़ा खतरा

जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय ने 30-31 अगस्त की रात को मौके का मुआयना किया जब रघुनाथपुर में करीब 250 मीटर लंबा तटबंध ढह गया था। इसके बाद 31 अगस्त को राघोपुर-नारकटिया तटबंध पर एक और बड़े कटाव के कारण 300 मीटर जमीन नदी में समा गई। नदी इस समय ब्रह्म बाबा स्थान के पास रेलवे लाइन पर बहुत जोर डाल रही है।

बचाव कार्य और स्थायी योजना

जल संसाधन विभाग इलाके को बचाने के लिए बालू से भरी बोरियों और हाथीपांव संरचनाओं का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे कटाव की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। इस समस्या का पक्का समाधान निकालने के लिए अधिकारी रत्तीपुर बैरिया, मोहनपुर दियारा और बरारी पुल घाट से तीन नई धाराएं बनाकर गंगा का रास्ता बदलने की योजना पर तेजी से काम कर रहे हैं जो बरारी में मिलेंगी। यह योजना जल संसाधन विभाग और भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की संयुक्त रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें 500 घन मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 7 मीटर तक गहरी ड्रेजिंग करने की योजना है। हालांकि भागलपुर में गंगा का जलस्तर घट रहा है, लेकिन यह रघुनाथपुर में अभी भी लाल निशान के पास है, जिससे नदी का बहाव सामान्य होने तक बुनियादी ढांचा बहुत खतरे में है।

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