भागलपुर के लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है जहाँ कई दिनों तक उफान पर रहने के बाद अब गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है और नदी का पानी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे आ गया है। जिला मुख्यालय और आसपास के तटीय क्षेत्रों में राहत की स्थिति बनी है।
- शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर में गंगा का वास्तविक जलस्तर 32.65 मीटर दर्ज किया गया।
- यहाँ खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है जिससे नदी लाल निशान से 97 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
भागलपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय और इसके आसपास के तटीय क्षेत्रों के लिए राहत की बड़ी खबर है। कई दिनों तक उफान पर रहने के बाद अब गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते नदी का पानी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे आ गया है। केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर में गंगा का वास्तविक जलस्तर 32.65 मीटर दर्ज किया गया है। यहाँ खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है, जिसका अर्थ है कि नदी वर्तमान में लाल निशान से 97 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
हालाँकि, नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद तटवर्ती बस्तियों और शहर से सटे निचले रिहायशी इलाकों की मुश्किलें पूरी तरह कम नहीं हुई हैं। नाथनगर, सबौर और विश्वविद्यालय परिसर से जुड़े निचले हिस्सों के खेतों और गलियों में बाढ़ का पानी अभी भी जमा (फंसा) हुआ है। इसके अतिरिक्त, नदी की तेज धारा का दबाव अब भी किनारों और सुरक्षात्मक तटबंधों पर बरकरार है, जिसके कारण जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं। दूसरी तरफ, जिले के सुल्तानगंज और कहलगांव क्षेत्रों में गंगा का रुख अभी भी तुलनात्मक रूप से कड़ा है और वहाँ पानी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर