भागलपुर-गोराडीह आरओबी को रेलवे की तकनीकी मंजूरी मिली, 2027 तक होगा तैयार

Hariom Mishra28 March 20262 min read16 viewsCity Local
भागलपुर-गोराडीह आरओबी को रेलवे की तकनीकी मंजूरी मिली, 2027 तक होगा तैयार

भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए रेलवे ने बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को तकनीकी मंजूरी दे दी है. पूर्वी रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर ने 28 मार्च 2026 को यह मंजूरी प्रदान की है, जिससे अब निर्माण कार्य को तेज़ी मिलेगी. वर्तमान में, पांचवें पिलर का काम चल रहा है और फाउंडेशन का लगभग 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. इस आरओबी को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भागलपुर शहर और बाइपास के बीच आवागमन आसान हो जाएगा और हर दिन हज़ारों वाहनों को इसका लाभ मिलेगा.

परियोजना की लागत और निर्माण लक्ष्य क्या हैं?

भागलपुर-गोराडीह रोड ब्रिज परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 67 करोड़ रुपये है. इसका सटीक बजट ₹66,96,20,824 है. यह ठेका Hardev Construction Private Limited को मिला है, जिसने टेंडर मूल्य से 17.51% कम पर यह काम लिया. इस आरओबी का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है. ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का मानना है कि भूमि अधिग्रहण संबंधी मुद्दों को मई 2026 तक सुलझा लिया जाएगा, ताकि पूरे पैमाने पर काम फिर से शुरू हो सके.

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निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और चुनौतियाँ

रेलवे ने इस परियोजना के लिए पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया था और ड्राइंग को भी मंजूरी मिली है. अब 28 मार्च 2026 को बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को भी तकनीकी मंजूरी मिल गई है. परियोजना के लिए सभी 21 पिलरों के लिए पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है, जिसमें गोराडीह तरफ 11 और मिर्जानहाट तरफ 10 पिलर शामिल हैं. गोराडीह तरफ चार पिलरों के कैप कास्टिंग का काम चल रहा है. हालांकि, मिर्जानहाट तरफ 10 पिलरों पर अभी काम शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि स्थानीय विरोध और भूमि अधिग्रहण के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं. प्रशासनिक अधिकारियों, जैसे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), ने मुख्यमंत्री की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के चलते 2 मार्च 2026 को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था.

आम जनता को कैसे मिलेगा फायदा?

यह आरओबी भागलपुर शहर और बाइपास के बीच आवागमन को बेहतर बनाएगा, जिससे प्रतिदिन 10 से 12 हजार वाहनों को फायदा होगा. यह दक्षिणी क्षेत्र के निवासियों को फोर-लेन रोड और रेलवे स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी देगा, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा. यह पुल भोलानाथ फ्लाईओवर और मिर्जानहाट गोलंबर से जुड़ेगा, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह और सुगम होगा और भोलानाथ अंडरपास पर भीड़ और जलजमाव की समस्या भी हल होगी. आरओबी 13 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें दोनों तरफ फुटपाथ होंगे. इसकी कुल लंबाई 713.8 मीटर और रेलवे ट्रैक के ऊपर ऊंचाई 16.5 मीटर होगी.

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