भागलपुर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए सोमवार को निर्जला हरतालिका तीज व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं। ज्योतिषी पंडित मनोज कुमार मिश्रा के अनुसार पंचांगों के अनुसार तृतीया तिथि के समय में अंतर है। काशी पंचांग के अनुसार यह तिथि रविवार 13 सितंबर को सुबह 7:16 बजे शुरू होकर सोमवार 14 सितंबर को सुबह 7:18 बजे समाप्त होगी। वहीं मिथिला पंचांग के अनुसार यह तिथि रविवार 13 सितंबर को सुबह 7:25 बजे शुरू होकर सोमवार 14 सितंबर को सुबह 7:28 बजे समाप्त होगी।
इस व्रत में प्रदोष काल में पूजा करना अनिवार्य है और भक्तों को सोमवार को दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच पूजा करने की सलाह दी गई है। पंडित मिश्रा ने बताया कि यह परंपरा माता पार्वती की तपस्या का पालन करती है जिन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए यह कठोर निर्जला और उपवास व्रत रखा था। यह व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं के लिए है लेकिन यह मनचाहा वर पाने की इच्छा रखने वाली कुंवारी लड़कियों के लिए भी बहुत महत्व रखता है।
इसके अलावा सोमवार 14 सितंबर को चौठचन का त्योहार भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखेंगी और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए सूर्यास्त के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह 14 सितंबर से शुरू होकर मंगलवार 15 सितंबर तक जारी रहेगी।
आगामी त्योहारों के लिए सामान खरीदने वाले लोगों के कारण शनिवार को स्थानीय बाजारों में काफी हलचल रही। बांस की टोकरियों, श्रृंगार के सामान, शिव-पार्वती की कच्ची मिट्टी की मूर्तियों और फलों की भारी मांग थी। स्थानीय दुकानदार विक्की कुमार ने बताया कि सोमवार को पूजा का दिन होने के कारण उन्हें उम्मीद है कि रविवार को बाजार में और भी अधिक भीड़ होगी।