भागलपुर के प्रधान डाकघर की दीवारों पर अंग प्रदेश की ऐतिहासिक लोक कला मंजूषा शिल्प को उकेरा जा रहा है। वरिष्ठ मंजूषा कलाकार सह प्राचार्या सुमना के नेतृत्व में अंग क्राफ्ट मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र के कलाकार इस काम में जुटे हैं।
- डाकघर की दीवारों पर लोक संस्कृति के रंग बिखेरे जा रहे हैं
- छठ पूजा और बिहुला-विषहरी का जीवंत चित्रण किया गया है
- कतरनी चूड़ा-धान और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की झलक दिखाई गई है
कलाकार प्रीति कुमारी, कविता देवी, अर्चना कुमारी और रीना कुमारी दिन-रात मेहनत कर रही हैं।
इन कलाकृतियों में अंग प्रदेश की विरासत के साथ सामाजिक और पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी है। डाकघर की दीवारों पर मुख्य रूप से आस्था का महापर्व छठ पूजा और लोकगाथा बिहुला-विषहरी को दर्शाया गया है। इसके अलावा भागलपुर के कतरनी चूड़ा-धान और ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी दिखाया गया है। समाज को बेहतर बनाने के लिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया है।
प्रधान डाकघर आने वाले लोग अंग संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं और परिसर बहुत खूबसूरत बन गया है। संस्था और कलाकारों ने सभी से डाकघर आकर इस सुंदर बदलाव को देखने और कलाकारों का हौसला बढ़ाने की अपील की है।