भागलपुर: बच्चों को खाना खिलाने के लिए अपनी जेब खाली कर रहे हेडमास्टर्स, वेतन भी बकाया
भागलपुर के प्राथमिक स्कूलों में मिड-डे मील और वेतन का संकट। हेडमास्टर्स अपनी जेब से खिला रहे बच्चों को खाना।

बिहार के भागलपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ के प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टर्स इस समय गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि बच्चों की थाली खाली न रहे, इसके लिए स्कूल के प्रधान शिक्षक अपनी निजी जमापूंजी खर्च कर रहे हैं, जबकि उनका अपना वेतन और स्कूलों के लिए जरूरी फंड महीनों से रुका हुआ है।
शिक्षकों के संघ के जिला अध्यक्ष शाहनवाज राही ने इस गंभीर मुद्दे पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों से अधिकांश स्कूलों को मिड-डे मील योजना के लिए फंड नहीं मिला है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के समय भी शिक्षकों को इस महीने का वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों में मायूसी है।
सरकारी योजनाओं का दबाव, लेकिन बजट शून्य
शाहनवाज राही ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 'कायाकल्प' योजना के तहत स्कूलों की पुताई और मरम्मत का दबाव बना रही है, लेकिन दूसरी तरफ इन कामों के लिए एक रुपया भी आवंटित नहीं किया गया है। उन्होंने पूछा कि जब फंड ही नहीं है, तो हेडमास्टर्स इन खर्चों को कैसे पूरा करें?
शिक्षकों की स्थिति वास्तव में दयनीय है। वे न केवल बच्चों की पढ़ाई और पोषण की जिम्मेदारी उठा रहे हैं, बल्कि बुनियादी