भागलपुर जिले के प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने मंगलवार को बाढ़ राहत और पशु शिविरों का देर रात तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों को मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच की। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत उन्होंने भोजन, आवास, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। प्रभारी सचिव ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बच्चों के लिए दूध बांटने समेत हर परिवार की खास जरूरतों पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को देखकर उन्होंने अधिकारियों को रातों-रात सुधार करने का आदेश दिया।
उन्होंने संक्रमण और मच्छरों से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर डालने और फॉगिंग करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, मेडिकल टीमों और जरूरी दवाओं को हर समय उपलब्ध रखने को कहा गया ताकि तुरंत इलाज मिल सके।
सचिव ने पशु शिविरों का भी निरीक्षण किया और कहा कि मवेशियों की सुरक्षा ग्रामीणों की आजीविका के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ पीड़ितों को अपनी शिकायतों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए सभी शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के बाद प्रशासन ने मौजूदा व्यवस्था पर संतोष जताया, लेकिन बाढ़ की स्थिति बदलने पर सेवाओं को बनाए रखने और सुधारने को बड़ी चुनौती बताया।