गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और मुंगेर में बाढ़ के हालात को देखते हुए भारतीय रेलवे ने भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर सुरक्षा बढ़ा दी है। यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए इस सेक्शन पर ट्रेनों की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इसके उलट, जमालपुर-कियूल रेलखंड पर ट्रेनों का आना-जाना सामान्य है और वहां कोई गति सीमा नहीं है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जमालपुर-कियूल लाइन की पटरियों को बाढ़ से ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।
धरहरा, अभयपुर और कजरा स्टेशनों के पास ट्रैक में दरार और धंसने की खबरों के बाद रेलवे ने निगरानी बढ़ा दी है। एईएन लाइन राजीव कुमार के निर्देश पर पीडब्ल्यूए टीम संवेदनशील जगहों की लगातार जांच कर रही है। रेलवे कर्मचारी इन इलाकों में पानी के स्तर, मिट्टी के कटाव और ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जांच के दौरान कोई भी गड़बड़ी मिलने पर बिना रुकावट ट्रेन चलाने के लिए तुरंत सुधार का काम किया जाता है।
सोमवार को जमालपुर बड़े पुल के नीचे सिग्नल और पॉइंट के बीच जरूरी ट्रैक मेंटेनेंस का काम पूरा किया गया। यह काम सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए और बिना रेल ट्रैफिक रोके किया गया, जिसमें खराब मौसम को देखते हुए खास सावधानी बरती गई। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक संवेदनशील रेलखंडों पर गश्त और जांच जारी रहेगी। किसी भी खतरे की स्थिति में ट्रेन की गति नियंत्रित करने या जरूरी कदम उठाने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।