भागलपुर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक सार्वजनिक सुनवाई यानी जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के अलग-अलग इलाकों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इस सुनवाई के दौरान कुल 84 आवेदन जमा किए गए। ये शिकायतें राजस्व, कृषि, पुलिस और थाना से जुड़े मामलों, बैंकिंग सेवाओं, शिक्षा और नल-जल योजना जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी थीं।
जिला मजिस्ट्रेट ने पूरी संवेदनशीलता के साथ हर आवेदन की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को तय नियमों के तहत जल्द से जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला मजिस्ट्रेट ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों की अच्छे से जांच की जाए, जबकि कृषि से जुड़ी समस्याओं का समाधान संबंधित विभाग द्वारा किया जाए। पुलिस अधिकारियों को थाना और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैंकिंग, शिक्षा और नल-जल योजना से जुड़े आवेदनों को जरूरी कार्रवाई के लिए उनके संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने इस बात पर जोर दिया कि हर आवेदन का अच्छी तरह निपटारा किया जाना और आवेदकों को समय पर राहत देना सबसे जरूरी है। प्रशासन ने दोहराया कि जनता की शिकायतों का पारदर्शी, तुरंत और अच्छी गुणवत्ता के साथ समाधान करना मुख्य उद्देश्य है। यह भी बताया गया कि जनता दरबार नागरिकों के लिए प्रशासन के सामने सीधे अपनी समस्याएं रखने का एक मंच है, जिससे मामलों के समाधान पर अच्छे से नजर रखी जा सके।