काली मूर्ति विसर्जन को लेकर भागलपुर नगर निगम अलर्ट, सुरक्षा और सफाई के कड़े इंतजाम
भागलपुर नगर निगम ने काली मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब और सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मेयर ने खुद निरीक्षण कर अधिकारियों को चेतावनी दी।

भागलपुर में काली पूजा के बाद मूर्तियों के विसर्जन की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। शहर में विसर्जन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने लगातार दूसरे दिन विसर्जन स्थलों का सघन निरीक्षण किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेयर डॉ. लाल के साथ डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त प्रभारी, डिप्टी नगर आयुक्त और काली पूजा महासमिति के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस टीम ने गंगता पोखर, महादेव तालाब, चंपा नदी के तट और ऐतिहासिक बुद्धनाथ घाट जैसे प्रमुख स्थानों का जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं और क्या विसर्जन के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर विशेष जोर
गंगा और चंपा नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम ने इस बार कृत्रिम तालाबों के निर्माण पर खास ध्यान दिया है। मेयर ने इंजीनियरों और सिटी मैनेजर्स को निर्देश दिया है कि इन तालाबों की वाटरप्रूफिंग और भराई का काम समय से पहले पूरा कर लिया जाए। साथ ही, उन्होंने पूजा समितियों और आम जनता से अपील की है कि वे प्राकृतिक जल निकायों के बजाय इन कृत्रिम तालाबों का ही उपयोग करें।
सुरक्षा के लिहाज से चंपा नदी और गहरे तालाबों के पास डबल लेयर बैरिकेडिंग की गई है। खतरे की चेतावनी देने के लिए लाल झंडे और साइन बोर्ड लगाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों, लाइफ जैकेट और मोटरबोट्स की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए हैं। शहर में डस्टबिन लगाए जा रहे हैं और बीमारियों को रोकने के लिए एंटी-लार्वा रसायनों, चूने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। मेयर ने आदेश दिया है कि विसर्जन के तुरंत बाद क्रेन और सफाई कर्मियों की मदद से मूर्तियों के अवशेष, बांस और कपड़ों के मलबे को हटा दिया जाए ताकि गंदगी न फैले।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर पीने के पानी के टैंकर, मोबाइल टॉयलेट, एम्बुलेंस और फर्स्ट-एड टीमें तैनात रहेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जब तक आखिरी मूर्ति का विसर्जन नहीं हो जाता, तब तक वे हाई अलर्ट पर रहें।