काली पूजा और दिवाली पर अलर्ट: भागलपुर में फायर ब्रिगेड तैनात, बर्न मरीजों के लिए बेड रिजर्व
भागलपुर प्रशासन ने काली पूजा और दिवाली के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती और अस्पतालों में बर्न बेड रिजर्व किए हैं। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

भागलपुर शहर में काली पूजा और दिवाली के त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पटाखों और भीड़भाड़ के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए भागलपुर काली पूजा दिवाली सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने न केवल दमकल की गाड़ियों की तैनाती की है, बल्कि आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था भी की है।
जिला अग्निशमन अधिकारी रमन राज के मुताबिक, शहर के 17 संवेदनशील इलाकों में फायर ब्रिगेड की टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी यूनिट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विशेष रूप से परबत्ती, बुढ़िया काली और साक्षात गुड्डू बाजार जैसे प्रमुख पूजा स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले और संकरे रास्तों पर आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता साफ रखें, ताकि किसी भी हादसे के समय समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
अस्पतालों में 24 घंटे अलर्ट, बर्न वार्ड में बेड रिजर्व
त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और जलने के मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता तैयारी की है। मूर्ति विसर्जन तक के लिए कुल 30 बेड बर्न मरीजों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। इसमें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (मायागंज) में 21 बेड और सदर अस्पताल में 9 बेड सुरक्षित किए गए हैं।
अस्पताल ड्रेसर नारायण कुमार ने बताया कि दिवाली सहित पूरे उत्सव के दौरान डॉक्टरों और ड्रेसिंग कर्मियों की टीम 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगी। आपातकालीन सेवाओं को देखते हुए इस दौरान किसी भी कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी गई है, ताकि घायलों का तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।
बता दें कि इस बार शहर में 81 जगहों पर मूर्तियों की स्थापना की गई है। पूजा पंडालों में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, क्योंकि आसपास के जिलों के साथ-साथ झारखंड से भी बड़ी संख्या में लोग भागलपुर पहुंचते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहें।